हम तनावग्रस्त क्यों है                    तनाव





क्या आप कभी सोचते है कि हम तनावग्रस्त क्यों है ?आइये हम विचार करते है कि हम जीवन में बहुत बार तनावग्रस्त क्यों हो जाते है I भगवान का बनाया हमारा चेहरा ,जो खिला खिला सा रहना चाहिए , वो क्यों लटका हुआ और निराश सा दिखने लगता है ?
एक शेर सुनिए –

लहरों को साहिल की दरकार नही होती,
हौसलें बुलंद हो तो कोई दीवार नही होती,
जलते हुए चिराग ने आँधियों से ये कहा
उजाला देने वालों की कभी हार नही होती.
सबसे बड़ा कारण ये है कि हमें तनावग्रस्त करने वाले स्विच हमने हमारे चारों तरफ दूसरों को दे रखे है I हमारे रिश्तेदार या दुनिया वाले चाहे जब वो स्विच दबा कर हमें निराश या तनावग्रस्त कर सकते है और हम एक बल्ब की तरफ ऑफ हो जाते है I दोस्तों हमें किसी भी स्विच से ऑफ या बंद होने वाला बल्ब नहीं बनना है ,बल्कि सूर्य की तरह चमकदार बनना जिसके प्रकाश को ऑफ करने वाला कोई स्विच नहीं है और वो जो उसकी तरफ आता है उस पर प्रकाश फेंकता ही रहता है I



भगवान ने न्याय करते हुए एक ही योग्यता के साथ इंसान की रचना की I हर व्यक्ति के पास अपनी असीमित उर्जा है ,क़ाबलियत है और कोई उस योग्यता को इस्तेमाल कर पाता है ,कोई ना समझी में या कोई और कारण से नहीं कर पाता I हम सिर्फ़ अपनी सोच की वजह से अपने आपको छोटा समझ कर निराश करते चले जाते है ,तनावग्रस्त हो जाते है I कोई किसी से बड़ा नहीं ,यदि कोई मानता हो कि हम बड़े है तो वे बड़े ही मूर्ख हो सकते है बस I आप ये समझिये कि आप जैसे बस आप ही है और आप जो करने की ठाने वो कर सकते है I
एक शेर सुनिए-

जिन्दगी काँटों का सफर हैं,
हौसला इसकी पहचान हैं,
रास्ते पर तो सभी चलते हैं,
जो रास्ते बनाए वही इंसान हैं…


भगवान की दी हुई उर्जा या ख़ुशी हमारे अन्दर ही है I हम उसको बाहर ढूंढेंगे या किसी अंधविश्वास में ढूंढेंगे तो कैसे मिलेगी I सोचिये जब हम बच्चे थे तो बिना किसी टेंशन या तनाव के भरपूर उर्जा के साथ हम वो सब कुछ करते चले जाते थे ,जो हमारे दिल को अच्छा लगता था I उस समय हमारे ऊपर किसी बात का असर या तनाव नहीं होता है I फिर हम बड़े होते है तो लाखों निराशाजनक और कई तरह के विचार हमारे दिल और दिमाग को घेर लेते है कि हम हमारे अन्दर छिपी हुई उर्जा और ख़ुशी को भूल ही जाते है I सबसे पहले हमारे दिमाग में से ऐसे लाखों विचारों को खाली करना होगा , जैसी बच्चे थे ,वैसे ही फेक्ट्री सेटिंग पर रिसेट करना पड़ेगा I ये दुनिया बड़ो की दुनिया है मैं पहले ही बता चुकी कि जो अपने आपको बड़ा समझते है ,वे महामूर्ख है I हमें छोटे बच्चे जैसा फ्रेश दिमाग वाला और खुश रहने वाला बनना है I
एक शेर सुनिए-



जिन्दगी एक हसीन ख्वाब हैं,
जिसमें जीने की चाहत होनी चाहिए,
गम ख़ुद ही ख़ुशी में बदल जायेंगे,
सिर्फ मुस्कुराने की आदत होनी चाहिए…


हमें फ्रेश दिमाग से ये सोचना चाहिए कि हम क्यों तनावग्रस्त या दुखी है I अगर हमें जिन्दगी जीने के लिए पैसे चाहिए तो दुखी होने की बजाय हमें दिल लगा कर पूरी उर्जा से अपनी जरुरत के मुताबिक पैसे कमाने चाहिए I माइंड फ्रेश होगा तभी सफलता के साथ ये कर सकते है I दूसरी बात अगर हम अपनी कमाई से ज्यादा खर्च करेंगे तब भी हम खुद अपने आपको तनाव में डाल देंगे I इन चीज़ों में हमारी कोई भी अंधविश्वास या कोई और सहायता नहीं करने वाला है Iऔर इस तरह के तनाव कोई भी बाबा या मैडिटेशन कैसे दूर कर सकता है, पैसे की जरुरत में पैसे कमाने से ही तनाव दूर होगा ना I हम खुद ही अपने साथी है ,अपने आपको दुखी या खुश करने वाले I एक बच्चे की तरह खुश रहो
एक शेर सुनिए-

जब मुझे यकीन हैं कि खुदा मेरे साथ हैं,
तो इस से कोई फ़र्क नही पड़ता कौन मेरे खिलाफ हैं..
अपनी तुलना किसी दुसरे से करना या किसी दुसरे से कोई भी उम्मीद रखना भी तनाव का कारण बन सकता है I दूसरों को देख कर दुखी होने से कोई फायदा नहीं ,वे तो जैसे है वैसे ही रहने वाले है I हमें अपनी खुशियाँ खुद इकट्ठी करनी होगी I हमें किसी भी दुसरे जैसा नहीं बनना है , हमने अपने जैसा ही बनना है ओर अपनी योग्यता और उर्जा को इस्तेमाल करना है I
तो दोस्तों तनाव और दुःख से छुटकारा अपनी कोशिशों से ही मिल सकता है I एक शेर और सुनिए
मुश्किल नही है कुछ दुनिया में,
तू जरा हिम्मत तो कर,
ख्वाब बदलेंगे हकीकत में,
तू जरा कोशिश तो कर…खुश रहने का सच्चा रहस्य

                                                                                  “Häβëëβ”





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